जीव रसायन (biochemistry in hindi) - अर्थ, परिभाषा एवं महत्व व कार्य-क्षेत्र

रसायन विज्ञान की वह शाखा जिसमें प्रोटोप्लाज्म ‌(जीव‌ द्रव्य) की संरचना तथा उसमें होने वाले रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है, जीव रसायन (biochemistry in hindi) कहलाती है ।

अर्थात् जीव रसायन का अर्थ होता है- "जीव द्रव्य की रसायन को जीव रसायन (biochemistry in hindi)" कहते है ।

जीव रसायन की परिभाषा (definition of biochemistry in hindi) -

"जीव रसायन वह विज्ञान है, जिसके अंतर्गत जीवित कोशिकाओं में विघमान रासायनिक अवयवों के संगठन तथा उनमें होने वाले रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है ।"


जीव रसायन क्या है? | biochemistry in hindi

जीव रसायन (biochemistry in hindi)‌, में रसायन शास्त्र की विभिन्न शाखाओं जैसे - अकार्बनिक, कार्बनिक तथा भौतिक का समावेश होता है इसमें इन शाखाओं का समावेश उस सीमा तक होता है जहां तक यह विभिन्न जीवित द्रव्यों अर्थात् पौधो‌ एवं जंतुओं की रसायन से संबंधित होते है ।

वास्तव में जीव रसायन (biochemistry in hindi)‌ कार्बनिक रसायन के अधिक निकट है, जीव रसायन रसायन शास्त्र को अन्य शाखाओं की तुलना में नवीनतम है ।

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जीव रसायन क्या है (biochemistry in hindi) - अर्थ, परिभाषा एवं महत्व व कार्य-क्षेत्र 

इस शाखा के अंतर्गत यह अध्ययन करते हैं कि जीवित द्रव्य से प्राप्त यौगिक जीवित कोशिकाओं के भीतर सरल यौगिकों से कैसे संश्लेषित होते हैं और कोशिकाओं के अंदर उपयोगी कार्य करने के उपरांत पुन: सरल यौगिकों में कैसे अपघटित होते हैं ।

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जीव रसायन में पादप अवयवों के सिद्धांत

पौधों का सामान्य रासायनिक संगठन (chemical composition ) - पौधों के तन्तु जल, कार्बनिक यौगिकों तथा अकार्बनिक लवणों से बने होते हैं ।


पौधों में पाए जाने वाले अवयवों का संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार कर सकते है -

जल ( Water ) -

पौधों में जल की मात्रा 75-85% होती है । सरस पौधों में यह 90% से और जलीय काई में 95-98% तक पाया जाता है ।

अकार्बनिक लवण ( inorganic salts ) -

पौधों की राख में प्रायः कैलशियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, लोहा, फॉस्फोरस तथा गन्धक अधिक मात्रा में और ताँबा, जस्ता, मैंगनीज, सोडियम, बोरॉन, सिलिकॉन तथा आयोडीन आदि तत्व अल्प मात्रा में पाए जाते हैं । कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन पौधों की राख में नहीं पाए जाते अपितु ये पौधों में विभिन्न अम्लों के लवणों के रूप में पाए जाते हैं ।

कार्बनिक यौगिक ( organic compounds ) —

ये नाइट्रोजन रहित पदार्थ एवं नाइट्रोजनयुक्त पदार्थों में विभक्त किए जा सकते हैं -


( क ) नाइट्रोजन रहित पदार्थ - 

इनके अन्तर्गत कार्बोहाइड्रेट, लिपिड्स, कार्बनिक अम्ल तथा उनके यौगिक, सगन्ध तेल, रेजिन्स, ग्लूकोसाइड्स तथा पादप पिगमेन्ट आते हैं ।

पौधों में कार्बोहाइड्रेट अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं । ये पौधों में सेलुलोस के रूप में और अनाजों में स्टार्च के रूप में मिलते हैं । पेक्टिन पदार्थ जो अधिक अणुभार वाले कोलॉइडी पोलीसैकेराइड होते हैं, पौधों और पेड़ों के फलों , तनों तथा गूदेदार जड़ों में पाए जाते हैं । लिग्निन पौधों की कोशिका भित्ति (cell wall) में पाया जाता है ।

लिपिड्स तेलीय बीज़ों जैसे बिनौला, अलसी तथा नारियल आदि में पाए जाते हैं । पौधों में पाए जाने वाले सगन्ध तेलों में टर्पीनॉइड्स मुख्य हैं । सगन्ध तेलों में बेन्जीन के संजात जैसे बेन्जल्डिहाइड, सिनेमिक ऐल्डिहाइड तथा मेथिल सेलीसिलेट पाये जाते हैं । चीड़ या इसी जाति के वृक्षों के रस में रेजिन पदार्थ मिलते हैं ।

पौधों में कार्बनिक अम्ल स्वतन्त्र रूप में या सोडियम, पोटेशियम तथा कैलशियम के लवणों के रूप में या एस्टर्स के रूप में मिलते हैं । पौधों में मुख्यतः फॉर्मिक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल, ऑक्जैलिक अम्ल, टारंटरिक अम्ल तथा सिट्रिक अम्ल पाए जाते हैं ।

पौधों में टैनिन्स तथा स्टेरॉयड्स भी पाए जाते हैं । पौधों में फ्लेवन्स तथा ऐन्थोसायनिन्स आदि रंगीन पदार्थ (पिगमेन्ट) भी पाए जाते हैं । इनके अतिरिक्त पौधों में विटामिन A, C, E तथा K और हॉर्मोन्स भी पाए जाते हैं ।


( ख ) नाइट्रोजनयुक्त पदार्थ - 

इनके अन्तर्गत प्रोटीन, ऐमीनो अम्ल, न्यूक्लीक अम्ल, ऐल्केलॉइड्स, प्यूरीन्स, एन्जाइम तथा क्लोरोफिल आते हैं ।

प्रोटीन्स पादप कोशिकाओं के केन्द्रक में और बीजों में पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं । पौधों में विद्यमान प्रोटीन का अधिकांश भाग एन्जाइम के रूप में रहता है । पौधों में उपस्थित ऐमीनो अम्ल प्रोटीन का निर्माण करते हैं । पेड़ - पौधों की पत्तियों और हरे तनों का हरा रंग क्लोरोफिल के कारण होता है । पौधों में वृद्धि प्रोत्साहित करने वाले और जड़ों एवं फूलों के निर्माण पर नियन्त्रण करने वाले हॉर्मोन्स पाए जाते हैं । पौधे विटामिन B जटिल भी संश्लेषित कर लेते हैं ।

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जीव रसायन का क्या महत्त्व है? | impotance of biochemistry in hindi

जीव रसायन का ज्ञान हमारे जीवन में अत्यन्त महत्वशाली है । यह कृषि, औषधि एवं चिकित्सा विज्ञान के अध्ययन में अत्यन्त उपयोगी है ।


जीव रसायन कुछ महत्त्व निम्न प्रकार से हैं -

  • यह फसल उत्पादन में वृद्धि करने में उपयोगी है ।
  • यह सब्जियों तथा फूलों के संरक्षण में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है ।
  • यह खाद्य पदार्थों को तैयार करने एवं उनको संग्रह करने में उपयोगी है ।
  • यह अनेक जीन्स (genes) की क्रियाओं तथा उनके एन्जाइम्स के साथ सम्बन्ध जानने में सहायक है ।
  • पौधों तथा जन्तुओं में वंशागति (Inheritance) समझने के लिए आनुवंशिकीविज्ञ (geneticists) जीव रासायनिक क्रियाओं पर निर्भर करते हैं ।
  • यह जन्तुओं की आहारीय आवश्यकताओं को ज्ञात करने में सहायक है । इससे कुपोषण को दूर करके पशुओं के उचित पालन - पोषण में सहायता मिलती है ।
  • यह औषधियों के आविष्कार और उपयोग में लाभकारी है ।
  • यह रोगी मनुष्यों तथा जन्तुओं के उपचार में उपयोगी है ।
  • इस प्रकार स्पष्ट है, कि जीव रसायन विज्ञान (biochemistry in hindi) के इस नव युग में जीव रसायन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है ।


जीव रसायन का कार्य क्षेत्र | scope of biochemistry in hindi

कृषि विज्ञान के विभिन्न विषयों के अध्ययन में जीव रसायन महत्त्वपूर्ण योगदान देती है । जीव रसायन के कार्य क्षेत्र (scope) का वर्णन इसे निम्न मुख्य शाखाओं में विभाजित करके कर सकते हैं


1. पादप जीव रसायन ( Plant Biochemistry ) —

जीव रसायन की वह शाखा जो वनस्पति विज्ञान के अध्ययन से सम्बन्धित है, पादप जीव रसायन कहलाती है । इसके अन्तर्गत पौधों की जीव रसायन का अध्ययन किया जाता है । इसका कार्य क्षेत्र व्यापक होता है । इसके अन्तर्गत पादप प्रजनन (plant breeding), पादप संवर्धन (plant production), पादप रोग विज्ञान (plant pathology) तथा वानिकी (forestry) आदि विषय आते हैं ।


2.  प्राणी जीव विज्ञान ( Animal Biochemistry ) —

जीव रसायन की इस शाखा के अन्तर्गत अनुष्यों तथा अन्य प्राणियों की कोशिकाओं से सम्बन्धित जैविक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है । इसके अन्तर्गत जीव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान (microbiology), शरीर क्रिया विज्ञान (physiology) आनुवंशिकी (genetics), चिकित्सा (medical) विज्ञान तथा पशु चिकित्सा (veterinary) विज्ञान आदि विषयों का अध्ययन किया जाता है ।


3. कृषि जीव रसायन ( Agricultural Biochemistry ) -

जीव रसायन की इस शाखा का सम्बन्ध कृषि रसायन, मृदा (soil) विज्ञान, पोषण (nutrition) रसायन, दुग्ध (dairy) रसायन तथा खाद्य (food) रसायन आदि विषयों के साथ व्यापक रूप में होता है ।


4. औद्योगिक जीव रसायन ( Industrial Biochemistry ) -

जीव रसायन की यह शाखा विभिन्न उद्योगों से सम्बन्ध रखती है । इसके अन्तर्गत औषधि उद्योग (pharmaceutical industry), खाद्य संरक्षण (food preservation), उर्वरक उद्योग (fertilizer industry), काष्ठ तकनीक (wood technology) आदि आते हैं । इसका उपयोग शर्करा, स्टार्च तथा सेलुलोस उद्योग और किण्वन (fermentation) में भी होता है ।

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जीवित पदार्थों में जल के महत्व का वर्णन कीजिए?


जीवित पदार्थों में जल के कार्य निम्नलिखित हैं -

  • जल कम विसकोसिता (viscosity) वाला एक सर्वव्यापी विलायक (universal solvent) है । कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थ इसमें घुलकर पौधों में पहुँच जाते हैं ।
  • यह पौधों में कार्बोहाइड्रेट्स के संश्लेषण में सहायक है ।
  • यह जीवित पदार्थों के शरीर के तापक्रम को नियन्त्रित रखता है जिससे वातावरण के ताप में परिवर्तन होने से शरीर का ताप सरलता से प्रभावित नहीं होता ।
  • यह व्यर्थ (waste) तथा विषैले पदार्थों को अपने अन्दर घोल कर जन्तुओं के शरीर से बाहर निकालता रहता है ।
  • यह जन्तुओं के शरीर में मांसपेशियों तथा जोड़ों को चिकना रखने वाले द्रव का मुख्य अंग होता है ।
  • जन्तुओं में ध्वनि संचारण एवं दृष्टि से सम्बन्धित क्रियाएँ भी जल के कारण होती हैं ।
  • आहार के साथ जल की पर्याप्त मात्रा प्रयोग करने से बैक्टीरियाओं की वृद्धि कम होकर गलना - सड़ना कम हो जाता है ।
  • जल की उपस्थिति में पौधे शर्करा, वसा, प्रोटीन तथा अन्य पदार्थ संश्लेषित करते हैं । ये पदार्थ पौधों की कोशिकाओं (cells) का निर्माण करते हैं ।


जीवित पदार्थ के मुख्य आवयवों का वर्गीकरण कीजिए?

जीवित पदार्थ के आवयवों का वर्गीकरण जीवित पदार्थों में जन्तु तथा वनस्पति पदार्थ आते हैं । पौधों तथा जन्तुओं के तन्तु (tissues) जल, कार्बनिक यौगिकों तथा अकार्बनिक लवणों से बने होते हैं । जीवित पदार्थ के मुख्य अवयवों का वर्गीकरण निम्न प्रकार तालिका के रूप में कर सकते है ।


जीवित पदार्थ ( पौधों एवं जन्तुओं का शरीर ) -

  • जल
  • शुष्क पदार्थ


1. नाइट्रोजन रहित पदार्थ -

( i ) कार्बोहाइड्रेट्स
( ii ) लिपिड्स
( iii ) कार्बनिक अम्ल तथा उनके यौगिक
( iv ) सगन्ध तेल
( v ) रेजिन्स
( vi ) ग्लूकोसाइड्स
( vii ) पादप पिगमेन्ट


2. नाइट्रोजन युक्त पदार्थ -

( i ) प्रोटीन
( ii ) ऐमाइड्स व ऐमीनो यौगिक
( iii ) ऐल्केलॉइडस
( iv ) प्यूरीन्स
( v ) न्यूक्लीक अम्ल
( vi ) एन्जाइम
( vii ) क्लोरोफिल

इनके अतिरिक्त जीवित पदार्थों में विद्यमान विटामिन्स तथा हॉर्मोन्स भी जीवित पदार्थों में पाये जाने वाले मुख्य कार्बनिक यौगिक होते है ।

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