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| बीजाण्ड की संरचना (Structure of a Mature Ovule) |
बीजाण्ड की संरचना (Structure of a Mature Ovule)
आवृतबीजी पौधों (Angiosperms) में बीजाण्ड एक अत्यंत महत्वपूर्ण संरचना है, जो निषेचन के बाद बीज में विकसित होती है। एक परिपक्व बीजाण्ड प्रायः अंडाकार होता है और बीजाण्डासन (Placenta) से एक वृन्त के माध्यम से जुड़ा रहता है।
बीजाण्ड के मुख्य भाग
एक प्रारूपिक बीजाण्ड निम्नलिखित मुख्य भागों से मिलकर बना होता है:
- बीजाण्डवृन्त (Funicle): यह वह वृन्त है जिसकी सहायता से बीजाण्ड, बीजाण्डासन से जुड़ा रहता है।
- नाभिका (Hilum): वह बिंदु जहाँ बीजाण्डवृन्त, बीजाण्ड के मुख्य शरीर से जुड़ता है।
- बीजाण्डकाय (Nucellus): यह बीजाण्ड का मुख्य भाग है जो मृदूतकीय ऊतकों (Parenchymatous tissues) से बना होता है और विकासशील भ्रूणकोष को पोषण प्रदान करता है।
- अध्यावरण (Integuments): बीजाण्डकाय को ढकने वाले सुरक्षात्मक आवरण। यह एक (Unitegmic) या दो (Bitegmic) हो सकते हैं।
- बीजाण्डद्वार (Micropyle): अध्यावरणों के बीच का वह छोटा छिद्र जहाँ से पराग नलिका प्रवेश करती है।
- निभाग (Chalaza): बीजाण्ड का आधारभूत भाग जहाँ से अध्यावरण निकलते हैं।
भ्रूणकोष की आंतरिक संरचना (Embryo Sac)
बीजाण्डकाय के भीतर मादा युग्मकोद्भिद यानी भ्रूणकोष (Female Gametophyte) स्थित होता है। इसमें सात कोशिकाएं और आठ केंद्रक होते हैं:
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भाग |
कोशिकाओं का विवरण |
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अण्ड उपकरण (Egg Apparatus) |
बीजाण्डद्वार की ओर स्थित 3 कोशिकाएं (1 अण्ड कोशिका + 2 सहायक कोशिकाएं)। |
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प्रतिध्रुवीय कोशिकाएं (Antipodal Cells) |
निभाग (Chalaza) की ओर स्थित 3 कोशिकाएं। |
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द्वितीयक केंद्रक (Secondary Nucleus) |
केंद्र में स्थित दो ध्रुवीय केंद्रकों के मेल से बनी संरचना। |
बीजाण्ड के प्रमुख प्रकार (Types of Ovule)
बीजाण्डद्वार, निभाग और बीजाण्डवृन्त की परस्पर स्थिति के आधार पर इन्हें छह श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
1. ऋजु या ऑर्थोट्रॉपस (Orthotropous)
यह सबसे सरल और सीधा बीजाण्ड है। इसमें बीजाण्डद्वार, निभाग और बीजाण्डवृन्त तीनों एक ही सीधी रेखा में होते हैं।
- उदाहरण: पान, काली मिर्च और पॉलीगोनम।
2. प्रतीप या एनाट्रॉपस (Anatropous)
यह सबसे सामान्य प्रकार का बीजाण्ड है जो अधिकांश आवृतबीजी पौधों में पाया जाता है। इसमें बीजाण्डवृन्त की अत्यधिक वृद्धि के कारण बीजाण्ड 180° घूमकर उल्टा हो जाता है।
- उदाहरण: मटर, चना, सेम और अरण्डी।
3. हेमीट्रॉपस (Hemitropous)
इस प्रकार के बीजाण्ड में बीजाण्डकाय और भ्रूणकोष, बीजाण्डवृन्त के साथ समकोण (90°) पर स्थित होते हैं। यह ऋजु और प्रतीप के मध्य की अवस्था है।
- उदाहरण: रैननकुलस।
4. केम्पाइलोट्रॉपस (Campylotropous)
इसमें बीजाण्डकाय और भ्रूणकोष थोड़े मुड़ जाते हैं (वक्र हो जाते हैं), जिससे बीजाण्डद्वार और निभाग एक सीधी रेखा में नहीं रहते।
- उदाहरण: सरसों (कैरियाफिलेसी) और लेगुमिनोसी कुल।
5. एम्फीट्रॉपस (Amphitropous)
इसे अनुप्रस्थ बीजाण्ड भी कहते हैं। इसमें भ्रूणकोष मुड़कर घोड़े की नाल (Horseshoe shape) जैसा हो जाता है।
- उदाहरण: पोस्त (Poppy), लेम्ना और सोलैनेसी कुल।
6. सरसिनोट्रॉपस (Circinotropous)
इसमें बीजाण्डवृन्त बहुत लंबा होता है और पूरे बीजाण्ड को 360° के घेरे में लपेट लेता है। बीजाण्ड एक बार उल्टा होकर पुनः सीधा हो जाता है।
- उदाहरण: नागफनी (Opuntia) और कैक्टस।
निष्कर्ष
बीजाण्ड की संरचना और उसके प्रकारों का अध्ययन वनस्पति विज्ञान (Botany) में प्रजनन की प्रक्रिया को समझने के लिए अनिवार्य है। बीजाण्ड की विविधता पौधों के विकासवादी अनुकूलन को दर्शाती है। चाहे वह प्रतीप बीजाण्ड की बहुलता हो या सरसिनोट्रॉपस की जटिलता, प्रत्येक संरचना निषेचन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बनी है।
FAQs (People Also Ask)
Q1. सबसे सामान्य प्रकार का बीजाण्ड कौन सा है?
उत्तर: 'प्रतीप या एनाट्रॉपस' (Anatropous) बीजाण्ड सबसे सामान्य है, जो लगभग 82% आवृतबीजी परिवारों में पाया जाता है।
Q2. अध्यावरण (Integuments) का क्या कार्य है?
उत्तर: अध्यावरण बीजाण्ड की रक्षा करते हैं और निषेचन के बाद बीज के आवरण (Seed coat) का निर्माण करते हैं।
Q3. भ्रूणकोष (Embryo Sac) के किस भाग में अण्ड कोशिका होती है?
उत्तर: अण्ड कोशिका बीजाण्डद्वार (Micropyle) वाले सिरे पर स्थित 'अण्ड उपकरण' के मध्य में होती है।
Q4. ऑर्थोट्रॉपस और एनाट्रॉपस बीजाण्ड में क्या अंतर है?
उत्तर: ऑर्थोट्रॉपस बिल्कुल सीधा होता है (बीजाण्डद्वार ऊपर की ओर), जबकि एनाट्रॉपस 180° घुमा हुआ और उल्टा होता है।
Q5. नागफनी में किस प्रकार का बीजाण्ड पाया जाता है?
उत्तर: नागफनी में 'सरसिनोट्रॉपस' (Circinotropous) बीजाण्ड पाया जाता है, जिसमें बीजाण्डवृन्त अत्यधिक लंबा और घुमावदार होता है।
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