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| Tillage In Hindi - Agriculture Studyy |
महत्वपूर्ण तथ्य: आधुनिक भू-परिष्करण का जनक (Father of Modern Tillage) जेथ्रो टुल (Jethro Tull) को कहा जाता है।
भू-परिष्करण का अर्थ और परिभाषा (Meaning & Definition)
'Tillage' शब्द की उत्पत्ति एंग्लो शब्द 'Tilian' से हुई है, जिसका अर्थ है—जुताई करना या भूमि को बुवाई के लिए तैयार करना।
वैज्ञानिक परिभाषा: "फसल की बुवाई से पूर्व मृदा को उचित अवस्था में लाना और पूरी फसल अवधि के दौरान अधिकतम उत्पादन के लिए मिट्टी को अनुकूल बनाए रखने की क्रियाएं भू-परिष्करण कहलाती हैं।"
टिल्थ और टिलेज में अंतर (Tilth vs Tillage)
अक्सर लोग इन दोनों शब्दों में भ्रमित हो जाते हैं:
- टिलेज (Tillage): वह प्रक्रिया या क्रिया है जिसके द्वारा मिट्टी को तैयार किया जाता है।
- टिल्थ (Tilth): जुताई के बाद मिट्टी की जो भौतिक अवस्था (भुरभुरापन, नमी आदि) प्राप्त होती है, उसे 'टिल्थ' कहते हैं।
भू-परिष्करण के प्रकार (Types of Tillage in Hindi)
मृदा सुधार और यंत्रों के उपयोग के आधार पर इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
1. प्राथमिक भू-परिष्करण (Primary Tillage)
बीज शैया (Seed Bed) तैयार करने के लिए सबसे पहले की जाने वाली गहरी जुताई को प्राथमिक भू-परिष्करण कहते हैं।
- यंत्र: मिट्टी पलटने वाला हल (MB Plough), देसी हल, हैरो।
2. द्वितीयक भू-परिष्करण (Secondary Tillage)
प्राथमिक जुताई के बाद मिट्टी को भुरभुरा बनाने, ढेलों को तोड़ने और खरपतवार नष्ट करने के लिए की जाने वाली हल्की क्रियाएं द्वितीयक भू-परिष्करण कहलाती हैं।
- यंत्र: कल्टीवेटर, पटेला, रोलर, हैंड-हो।
भू-परिष्करण की आधुनिक प्रणालियां (Systems of Tillage)
आजकल कृषि में लागत कम करने और मृदा संरक्षण के लिए नई प्रणालियां अपनाई जा रही हैं:
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प्रणाली का नाम |
मुख्य विशेषता |
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शून्य भू-परिष्करण (Zero Tillage) |
इसमें बिना जुताई किए सीधे पिछली फसल के अवशेषों के बीच बुवाई की जाती है। |
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पट्टीदार भू-परिष्करण (Strip Tillage) |
केवल उसी पट्टी की जुताई की जाती है जहाँ बीज बोना होता है। |
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संरक्षण भू-परिष्करण (Conservation Tillage) |
इसका उद्देश्य मृदा कटाव रोकना और जल संरक्षण करना है। |
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अंधी भू-परिष्करण (Blind Tillage) |
बीज बोने के बाद लेकिन अंकुरण से पहले की जाने वाली जुताई (जैसे गन्ने में)। |
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समोच्च भू-परिष्करण (Contour Tillage) |
ढालू |
भू-परिष्करण के मुख्य उद्देश्य (Objectives of Tillage)
- मृदा के भौतिक गुणों में सुधार: इससे मिट्टी में वायु संचार (Aeration) बढ़ता है और जड़ें गहराई तक जा पाती हैं।
- खरपतवार नियंत्रण (Weed Control): जुताई से खरपतवार जड़ से उखड़ जाते हैं और धूप में सूखकर नष्ट हो जाते हैं।
- कीट एवं रोग नियंत्रण: मिट्टी में छिपे हानिकारक कीड़ों के अंडे और फफूंद गहरी जुताई से ऊपर आ जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं।
- नमी संरक्षण: मृदा की जल धारण क्षमता बढ़ती है और वाष्पीकरण कम होता है।
- उर्वरता में वृद्धि: फसल अवशेष मिट्टी में दबकर सड़ने लगते हैं, जिससे जैविक कार्बन बढ़ता है।
मृदा वातावरण पर भू-परिष्करण का प्रभाव
भू-परिष्करण क्रियाओं का भूमि पर तीन प्रकार से प्रभाव पड़ता है:
- भौतिक प्रभाव: मृदा संरचना (Structure) में सुधार, ताप नियंत्रण और रन्ध्रावकाश (Pore space) में वृद्धि।
- रासायनिक प्रभाव: वायु संचार बढ़ने से पोषक तत्वों (नाइट्रेट, पोटाश) की उपलब्धता बढ़ती है।
- जैविक प्रभाव: लाभदायक सूक्ष्म जीवाणुओं (Micro-organisms) की सक्रियता बढ़ जाती है।
न्यूनतम भू-परिष्करण (Minimum Tillage Concept)
अत्यधिक जुताई से मिट्टी का कटाव बढ़ता है और लागत भी ज्यादा आती है। इसलिए न्यूनतम भू-परिष्करण की अवधारणा आई, जिसमें केवल उतनी ही जुताई की जाती है जो फसल उगाने के लिए अनिवार्य हो। इसके लिए खरपतवारनाशियों (Herbicides) और आधुनिक मशीनों का प्रयोग किया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भू-परिष्करण (Tillage) केवल मिट्टी को पलटना नहीं है, बल्कि यह फसल उत्पादन की नींव है। सही समय पर और सही यंत्रों के चुनाव से न केवल मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि किसान की लागत में कमी और पैदावार में वृद्धि होती है। बदलते समय के साथ Zero Tillage और Minimum Tillage जैसी तकनीकों को अपनाना पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भू-परिष्करण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य मिट्टी को भुरभुरा बनाकर बीजों के अंकुरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और खरपतवारों को नियंत्रित करना है।
प्रश्न 2: जीरो टिलेज (Zero Tillage) के क्या फायदे हैं?
उत्तर: जीरो टिलेज से खेती की लागत कम होती है, मिट्टी का कटाव रुकता है और मृदा में नमी लंबे समय तक बनी रहती है।
प्रश्न 3: टिलेज का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक जेथ्रो टुल (Jethro Tull) को टिलेज का जनक माना जाता है। उन्होंने ही 'Horse Hoeing Husbandry' पुस्तक लिखी थी।
प्रश्न 4: प्राथमिक और द्वितीयक भू-परिष्करण में क्या अंतर है?
उत्तर: प्राथमिक भू-परिष्करण बीज शैया तैयार करने की पहली गहरी प्रक्रिया है, जबकि द्वितीयक भू-परिष्करण बुवाई से ठीक पहले मिट्टी को समतल और भुरभुरा बनाने की हल्की प्रक्रिया है।
प्रश्न 5: अंधी जुताई (Blind Tillage) किन फसलों में की जाती है?
उत्तर: अंधी जुताई मुख्य रूप से गन्ने (Sugarcane) और कभी-कभी आलू की फसल में खरपतवार निकालने और पपड़ी तोड़ने के लिए की जाती है।

4 Comments
Good notes
ReplyDeleteThank you so much.
ReplyDeleteAapka tahe Dil se dhnyawad
ReplyDeleteWelcome sir,& thank you.
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