फसल प्रणाली किसे कहते है एवं इसके प्रकार

फसल प्रणाली किसे कहते है एवं इसके प्रकार ( What is the cropping system and its types )


फसल प्रणाली किसे कहते है एवं इसके प्रकार ( What is the cropping system and its types )
फसल प्रणाली किसे कहते है एवं इसके प्रकार


फसल प्रणाली किसे कहते है ( What is cropping system )


भारतीय कृषि में प्रारम्भ से ही फसल उगाने के लिये विभिन्न प्रतिकारको सार्वरक सिंचाई की सुविधाएँ तथा तकनीकी ज्ञान के अभाव से वर्ष भर में केवल एक ही फसल उगाई जाती थी । 
गत पचास वर्षों में हमारे देश की तेजी से बढ़ती ही जनसंख्या के दबाव के कारण कृषि उत्पादन में वृद्धि की माग बढती चली गई ।

काम को बढाने के लिये विभिन्न सुविधाओं का विस्तार होता गया जिससे देश का कृषि उत्पादन निरन्तर बढ़ रहा है ।

फसल प्रणाली क्या है ( What is cropping system )


बहुत से क्षेत्रों में वर्षा व सिंचाई जल में कमी के कारण भी वर्ष भर में एक फसल ली जाती है परन्तु समय के अभाव के साथ - साथ सिंचाई की सविधाओं का विकास होता चला गया । 

जिसके परिणमास्वरूप एक ही खेत से एक वर्ष में तीन तथा चार तक फसलें भूमि की उत्पाकदता को बनाए रखते हुये अधिकतम लाभ की दृष्टि से उगाई जाने लगी ।

फसल प्रणाली की परिभाषा ( Definition of cropping system )


" किसी खेत का कुल उत्पादन व उससे होने वली आय में अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिये खेत की उर्वरा शक्ति को बनाए रखकर फसलों को उगाने के विभिन्न सस्य क्रम ( Cropping pattern ) विकसित किये गये हैं इन्हें फसल प्रणाली कहा जाता है ।"

इसमे खेत पर उपलब्ध मृदा एवं जल संसाधनों तथा अन्य सुविधाओं का अधिक उपज प्राप्ति के लिये उचित उपयोग होता है ।

"The cropping pattern developed to grow the crops to achieve maximum production and the income ; maintaing the soil fertility of the field , is called cropping pattern. "

फसल प्रणाली के प्रकार ( Types of cropping system )


हमारे देश में एक
फसल प्रणाली ( monoculture ) ,
फसल चक्र ( crop rotation ) ,
सघन खेती ( Intensive cropping ) व
मिश्रित फसल उत्पादन ( mixed cropping ) आदि प्रणालियाँ अपनाई जाती है ।

इन प्रणालियों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार है -


( 1 ) एक फसल प्रणाली ( Monoculture ) -

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत खेत से बार - बार एक ही फसल ली जाती है । जिन क्षेत्रों में वर्षा व सिंचाई जल का अभाव होता है ।

वहां पर खरीफ के मौसम में वर्षा जल को संरक्षित कर फसल उगाई जाती है ।

( 2 ) फसल चक्र ( Crop Rotation ) -

किसी खेत से एक निश्चित समय में उसकी उत्पादकता को बनाए रखते हुये उगाई जाने वाली फसलों के क्रम को फसल चक्र ( crop rotation ) कहा जाता है ।

( 3 ) सघन खेती ( Intensive cropping ) -

यह फसल उगाने की एक ऐसी प्रणाली है , जिसमें बीज , खाद , उर्वरक व सिंचाई जल की व्यवस्था के साथ किसान एक खेत से दो या दो से अधिक फसलें वर्ष भर में उगाता है ।

इस प्रकार की खेती करने से कृषक को प्रति इकाई क्षेत्रफल में अधिक उपज और अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है ।

( 4 ) मिश्रित फसल उत्पादन ( Mixed cropping ) -

किसी खेत के कुल उत्पादन को बढ़ाने के लिये दो या दो से अधिक फसलों को संयुक्त रूप से उगाने की क्रिया मिश्रित फसल उत्पादन कहलाती है ।

अन्य प्रणाली ( Other system )

(i) क्रमवार खेती ( Sequential cropping ) 

( ii ) द्विफसली खेती ( Double cropping ) 

( iii ) त्रिफसली खेती ( Tripple cropping ) 

( iv ) पेडी की खेती ( Ratoon cropping ) 

( v ) अन्तरसस्यन ( Intercropping ) 

( vi ) मिश्रित फसल उत्पादन ( mixed cropping ) 

( vii ) पंक्ति अन्तरसस्यन ( Row Intercropping ) 
( viii ) रिले अन्तर ससयन ( Relay Intercropping ) 

( ix ) एक फसली खेती ( Mono culture ) 

( x ) सस्य क्रम ( Cropping pattern ) 

( xi ) फसल प्रणाली ( Cropping system ) 

( xii ) मिश्रित खेती ( Mixed Farming ) 

( xiii ) एकल खेती ( Sole cropping )

( i ) क्रमवार खेती ( Sequential cropping ) -

किसी खेत में एक वर्ष में दो या दो से अधिक फसलों को क्रमवार उगाने को क्रमवार खेती ( sequential cropping ) कहते हैं ।

क्रमवार खेती में एक फसल की कटाई के बाद दूसरी फसल की बुवाई तुरन्त कर दी जाती है ।

( ii ) द्विफसली खेती ( Double cropping ) -

एक खेत से एक वर्ष में दो फसलों को क्रमवार उगाना द्विफसली खेती ( Double cropping ) कहलाता है ।

( iii ) त्रिफसली खेती ( Tripple croping ) -

एक खेत से एक वर्ष में तीन फसलों को क्रमवार उगाना त्रिफसली खेती ( Tripple Cropping ) कहलाता है ।

( iv ) पेड़ी की खेती ( Ratoon Cropping ) -

किसी फसल की कटाई के पश्चात् उसकी पुनः वृद्धि होकर उपज देना पेड़ी की फसल ( Ratoon cropping ) कहलाता है ।

उदाहरण - गन्ना ।

( v ) अन्तरसस्यन ( Intercropping ) -

किसी खेत में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ उगाना अन्तरसस्यन ( Intercropping ) कहलाता है ।

( vi ) मिश्रित फसल उत्पादन ( Mixed Cropping )
जब दो या दो से अधिक फसलें संयक्त रूप से मिलाकर बिना किसी पंक्ति के उगाई जाती है तो उसे मिश्रित फसल उत्पादन ( Mixed cropping ) कहते हैं ।

( vii ) पंक्ति अन्तरसस्यन ( Row Intercropping ) -

जब दो या दो से अधिक फसलों को अलग - अलग पंक्तियों में उगाया जाता है ता इसे पंक्ति अन्तरसस्यन ( Row Inter cropping ) कहते हैं।

( viii ) रिले अन्तरससयन ( Relay Intercropping ) -

जब दो या दो से अधिक फसले किसी खेत में इस प्रकार उगाई जाती है कि पहली फसल की परिपक्व अवस्था के समय ही दूसरी फसल की बुवाई कर दी जाती है जो उसकी कटाई से पहले ही होता है ।

ऐसी अन्तरसस्यन क्रिया को रिले अन्तरसस्यन ( Relay Intercropping ) कहते हैं ।

( ix ) एक फसली खेती ( Monoculture ) -

किसी खेत में केवल एक ही फसल को बार - बार उगाना एक फसली खेती कहलाता है ।

( x ) सस्य क्रम ( Cropping pattern ) -

किसी खेत में एक कृषिवर्ष में बोई जाने वाली फसलों के क्रम को सस्य क्रम ( Cropping pattern ) कहते हैं ।

( xi ) फसल प्रणाली ( Cropping system ) -

किसी प्रक्षेत्र का कुल उत्पादन तथा उससे अधिकतम आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिये उसकी उर्वरा शकति को बनाए रखते हुए इस पर विभिन्न फसलों को उगाने के सस्य क्रम को फसल प्रणाली ( cropping system ) कहा जाता है ।

( xii ) मिश्रित खेती ( Mixed Farming ) -

किसी कृषि प्रक्षेत्र पर फसलों को उगाने के साथ - साथ कुछ अतिरिक्त कार्य जैसे डेरी उद्योग , भेड़ - बकरी पालन , मधुमक्खी पालन आदि किये जाते हैं तब इसे मिश्रित खेती ( Mixed farming ) कहा जाता है ।

( xiii ) एकल खेती ( Sole cropping ) -

किसी खेत में एक समय में केवल एक ही फसल उगाना एकल खेती कहलाता है ।

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