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| भारत में जल संसाधन और सिंचाई के प्रमुख स्रोत |
भारत में जल संसाधन और सिंचाई के प्रमुख स्रोत
जल संसाधन वे प्राकृतिक संसाधन हैं जो वर्षा, नदियों, तालाबों और भू-जल के रूप में उपलब्ध होते हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ फसलों की उपज सीधे तौर पर जल की उपलब्धता पर निर्भर करती है। पृथ्वी का लगभग 70% भाग जल से ढका है, लेकिन इसमें से केवल एक छोटा हिस्सा ही उपयोग के योग्य है।
जल संसाधन क्या हैं? (What are Water Resources?)
भारत में वार्षिक वर्षा (हिमपात सहित) लगभग 4000 बिलियन घन मीटर होती है। हालांकि, वाष्पीकरण और अन्य तकनीकी बाधाओं के कारण, केवल 1869 बिलियन घन मीटर जल ही सतही और भू-जल के रूप में उपलब्ध हो पाता है।
भारत में जल की उपलब्धता का गणित:
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संसाधन का प्रकार |
कुल उपलब्धता (अनुमानित) |
उपयोग योग्य मात्रा |
|---|---|---|
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धरातलीय जल (Surface Water) |
18 करोड़ हेक्टेयर मीटर |
6.8 करोड़ हेक्टेयर मीटर |
|
भूमिगत जल (Groundwater) |
6 करोड़ हेक्टेयर मीटर |
4.2 करोड़ हेक्टेयर मीटर |
जल संसाधनों एवं सिंचाई के स्रोतों का वर्गीकरण
फसलों की सिंचाई के लिए जल मुख्य रूप से दो स्रोतों से प्राप्त किया जाता है:
1. धरातलीय स्रोत (Surface Water Sources)
धरातल पर बहने वाला जल सिंचाई का सबसे बड़ा माध्यम है।
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नहरें (Canals): भारत में सिंचाई का प्रमुख साधन। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में इनका जाल बिछा है।
- नित्यवाही नहरें: इनमें 12 महीने पानी रहता है (हिमालयी नदियों से निकलने वाली)।
- मौसमी नहरें: इनमें केवल वर्षा ऋतु (जुलाई-सितंबर) में पानी रहता है।
- तालाब (Ponds): दक्षिण भारत (तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश) में तालाबों द्वारा सिंचाई अधिक होती है। यह छोटी जोत के किसानों के लिए सस्ता साधन है।
- नदियाँ एवं झरने: पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीदार खेतों के लिए झरनों का उपयोग किया जाता है।
2. भूमिगत स्रोत (Groundwater Sources)
भूमि के भीतर संचित जल को कुओं और नलकूपों के माध्यम से निकाला जाता है।
- नलकूप (Tubewells): आधुनिक कृषि में नलकूपों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उत्तर प्रदेश नलकूपों की संख्या में प्रथम स्थान पर है।
- कुएँ (Wells): राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में आज भी कुओं द्वारा बड़े पैमाने पर सिंचाई की जाती है।
सिंचाई के विभिन्न साधनों के लाभ और दोष
नहरों द्वारा सिंचाई
लाभ:
- अपेक्षाकृत सस्ता माध्यम।
- पानी के साथ आने वाली गाद (मिट्टी) खेतों की उर्वरता बढ़ाती है।
- रेतीली भूमि में मृदा क्षरण को रोकता है।
दोष:
- जल भराव (Water Logging) के कारण भूमि का ऊसर होना।
- वर्षा की कमी होने पर नहरें सूख सकती हैं।
- खरपतवार की समस्या बढ़ जाती है।
तालाबों द्वारा सिंचाई
लाभ: निर्माण सस्ता और मछली पालन के लिए भी उपयोगी।
दोष: वर्षा पर निर्भरता और मिट्टी जमने (Silting) के कारण तालाबों का उथला होना।
भारत में जल संसाधनों का वितरण
- उत्तरी भारत: गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र बेसिन में जल की विपुलता है। यहाँ की नदियाँ बारहमासी हैं क्योंकि इन्हें वर्षा के साथ-साथ हिमालय की बर्फ पिघलने से भी जल मिलता है।
- दक्षिणी भारत: यहाँ गोदावरी, कृष्णा और महानदी मुख्य बेसिन हैं। यहाँ जल की उपलब्धता मुख्य रूप से मानसून पर टिकी है।
- कमी वाले राज्य: राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु में जल संसाधनों की भारी कमी देखी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
जल संसाधन किसी भी देश की आर्थिक और कृषि उन्नति की रीढ़ होते हैं। भारत में जल की कुल उपलब्धता का 62% उत्तर भारत की नदियों में प्रवाहित होता है। बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए जल संरक्षण और ड्रिप इरिगेशन (Drip Irrigation) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना अनिवार्य हो गया है। जल का मितव्ययिता पूर्ण उपयोग ही भविष्य की कृषि का आधार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. भारत में सिंचाई का सबसे प्रमुख साधन कौन सा है?
भारत में वर्तमान में नलकूप (Tubewells) और नहरें (Canals) सिंचाई के सबसे प्रमुख साधन हैं। उत्तर भारत में नलकूपों का सर्वाधिक जाल है।
2. नित्यवाही और मौसमी नहरों में क्या अंतर है?
नित्यवाही नहरों में पूरे वर्ष जल प्रवाहित होता है क्योंकि इनका स्रोत ग्लेशियर होते हैं, जबकि मौसमी नहरें केवल वर्षा ऋतु में ही क्रियाशील रहती हैं।
3. जल भराव (Water Logging) क्या है और यह क्यों हानिकारक है?
नहरों के किनारे पानी रिसने से भूमि का जल स्तर ऊपर उठ जाता है, जिससे मिट्टी में लवणों की मात्रा बढ़ जाती है और फसलें नहीं उग पातीं।
4. दक्षिण भारत में तालाबों द्वारा सिंचाई अधिक क्यों होती है?
दक्षिण भारत का पठारी भाग कठोर चट्टानों से बना है, जहाँ कुएँ खोदना कठिन है। इसलिए वहां वर्षा जल को प्राकृतिक गड्ढों या कृत्रिम तालाबों में संचित करना आसान होता है।
5. भारत के किन राज्यों में जल संसाधन की सबसे अधिक कमी है?
राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु भारत के सबसे अधिक जल संकट वाले राज्य हैं।

1 Comments
Nice Post
ReplyDeleteAlso Read :-
संसाधन किसे कहते हैं और संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?
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