कार्बनिक खेती ( Organic farming in hindi )

कार्बनिक खेती (जैविक खेती) किसे कहते है एवं कार्बनिक खेती करने के तरीके व लाभ


हमारे भारत देश की तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या की खाद्य समस्या के समाधान के लिए कार्बनिक खेती (organic farming in hindi)  में वृद्धि आवश्यक है ।

इस समय हमारे देश का कुल खाद्य उत्पादन 205 मिलियन टन है । सन् 2015 में देश को 235 मिलियन टन अनाज की आवश्यकता होगी ।

कार्बनिक खेती किसे कहते है? Organic farming in Hindi


हमारा कृषि उत्पादन निरन्तर बढ़ रहा है, परन्तु कार्बनिक खेती (organic farming in hindi) से अधिक उत्पादन प्राप्त करने की इच्छा से उसमें प्रयोग किए जाने वाले रसायनिक खादों, उर्वरकों तथा रसायनों के कारण भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है ।

अतः यह आवश्यक हो गया है कि भविष्य में भूमि को विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों से रहित रखते हुए स्वास्थ्य की दृष्टि से उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद प्राप्त किया जाए जो कार्बनिक खेती (organic farming in hindi) द्वारा ही संभव है।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जैविक पदार्थों का प्रयोग करके इस उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है ।


कार्बनिक खेती क्या है? Organic farming in hindi


विभिन्न जैविक (कार्बनिक) पदार्थों के प्रयोग के साथ - साथ हमें मृदा प्रदूषण (Soil pollution) बढ़ाने वाले अनेक रसायनिक पदार्थों ।

जैसे - रसायनिक उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवारनाशी तथा वृद्धि नियन्त्रकों (Growth regulators) के उपयोग को बंद कर देना चाहिए ।

कार्बनिक खेती (जैविक खेती) Organic farming in hindi
कार्बनिक खेती (जैविक खेती) Organic farming in hindi


इनके स्थान पर हमें विभिन्न प्रकार के जैविक खाद (Organic manure) प्रयोग करनी चाहिए।
जैसे -
गोबर की खाद
हरी खाद (Green Manure)
कंपोस्ट खाद (Compost Manure)
वर्मी कंपोस्ट (Vermi Compost)


इनके अलावा अन्य जैविक खादों का प्रयोग करना चाहिए ।

इससे मृदा एवं जल को प्रण से बचाकर प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में सहायता मिलती है तथा साथ ही साथ उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद भी प्राप्त होता है । 

कार्बनिक खेती की पारिभाषा? Defination of organic farming in hindi


कार्बनिक खेती ( Defination of Organic farming in hindi ) ऐसी खेती जिसमें दीर्घकालीन व स्थिर उपज प्राप्त करने के लिए कारखानों में निर्मित रसायनिक उर्वरकों, कीटनाशियों व खरपतवारनाशियों तथा वृद्धि नियन्त्रक का प्रयोग न करते हुए जीवांशयुक्त खादों (जैविक खाद) का प्रयोग किया जाता है तथा मृदा एवं पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण होता है, जैविक खेती (Organic farming in hindi) कहलाती है, इसे कार्बनिक खेती भी कहा जाता है।

फसलों से अधिकतम खरपतवारशियों में वृद्धि नियन्त्रक के विधि पर्यावरण प्रदूषित हो रहे हैं वे जैविक खादों के प्रयोग से भूमि के वातावरण जीवाणुओं की संज्या में तीव्र वृद्धि है ।

कार्बनिक खेती करने के तरीके (Organic farming methods in hindi)


अधिकतमें पैदावार लेने के लिए विभिन्न रसायनिक उर्वरक, कीटनाशकों व वृद्धि नियन्त्रक का प्रयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है ।

इससे भूमि में हो रहे हैं व भूमि के विभिन्न गुणों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है ।

कार्बनिक खेती (organic farming in hindi) के वातावरण में सुधार होकर भूमि की उर्वरता में वृद्धि होती है, सूक्ष्म या में तीव्र वृद्धि होती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है ।

उत्तम उत्पाद भूमि अथा एन्त्र भएप पर नियंण के साथ - साथ अन्य लार्थों रतले इए ईमान समय में जैविक (कार्बनिक) खाद का प्रयोग करना शुरू हो गया है ।

कार्बनिक खेती के तरीके (organic farming methods)


( 1 ) जैविक खेती करने से भूमि के भौतिक, रसायनिक तथा जैविक गुणों में सुधार होता जिसे भूमि वातावरण कृषि उत्पादन को स्थाई रूप से बढ़ाने के अनुकूलनता है ।

( 2 ) भूमि  में पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि हो जाती है । स्थाई रूप से फसल के लिए पोसक तत्व भूमि से प्राप्त होते रहते हैं ।

( 3 ) कार्बनिक खेती से भूमि व पर्यावरण दूधण पर नियंत्रण होता है ।

( 4 ) कार्बनिक खेती करने में प्रयोग की जाने वाली सस्ती खादे हैं । अत: किसान को कम धन की आवश्यकता पड़ती है ।

( 5 ) इस प्रकार की खेती में प्रयोग होने वाली कार्बनिक खादें कि स्तर पर तैयार की जा सकती हैं । अपनी सुविधा अनुसार वह इनका प्रयोग भी आसानी से कर देता है ।

( 6 ) किसान को कार्बनिक (जैविक) खाद लिए प्राइवेट या सरकारी संस्थाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ता जिससे उसके समय की भी बचत होती है ।

( 7 ) जैविक खेती से प्रान उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है । इस उत्पाद में खनिज तत्व , विटामिन्स व अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में विद्यमान होती है ।

( 8 ) कार्बनिक खेती से प्राप्त उत्पाद में किसी रसायनिक उर्वरक कीटनाशी , हरपतवारनाशी या वृद्धि नियन्त्रक के अवशेष नहीं होते । अतः यह उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छे माने जाते हैं ।

( 9 ) यह एक परम्परागत खेती है जिसको अपनाने से भूमि , पर्यावरण व मनुष्य के स्वास्थ्य में सुधार होता है ।

( 10 ) कार्बनिक खेती से प्राप्त उपज उच्च गुणवत्ता वाली होने के कारण विश्व बाजार में इसकी की मांग है जिससे अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है ।

( 11 ) जैविक खेती में फसल के पौधों में कीरों व रोगों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है ।

कार्बनिक खेती के लाभ (benefits organic farming in hindi)


कार्बनिक खेती से किसानों को होने वाले लाभ


स्थाई कृषि में भूमि प्रबन्धन की नई तकनीकों, मृदा उर्वाता के अलवा जल संसाधनों (water resources) का उचित प्रयोग तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए सस्य विज्ञान (Agronomy in hindi) की नवीनतम तकनीकों का प्रयोग सम्मिलित है ।

स्थाई कृषि विकास में म को बनाए रखने में कार्बनिक खेती का एक महत्वपूर्ण स्थान है ।

स्थाई कधि उत्पादन के लिए विभिन्न जैविक खाद ( organic manure in hindi) का प्रयोग करना वर्तमान समय की एक महती आवश्यकता है ।

जैविक खाद (organic manure) के प्रयोग से भूमि के भौतिक, रसायनिक व जैविक गर्गों में सधार होकर पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि होती है ।

जैविक (कार्बनिक) पदार्थों के प्रयोग से भमि को विभिन्न पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है ।

कृषि प्रक्षेत्र पर उपज बढ़ाने के लिए पोषक तत्वों की पूर्ति फसलों के अवशेषों, पशुओं के व्यर्थ व अवशिष्ट पदार्थों एवं घर का कूड़ा - कचरा तथा रसायनिक उर्वरकों आदि का प्रयोग कर की जाती है ।

जैविक (कार्बनिक) अवशिष्ट पदार्थों में फसलों के अवशेष जैसे -

पौधों के डंठल व जडें, पशुओं के मलमूत्र व गोबर, बूचड़खानों के अवशेषों , खरपतवारों अपघटन से जीवांश पदार्थ की मात्रा में वृद्धि , गन्ने की पत्तियाँ, खलियाँ, मैली आदि सभी अवशिष्ट पदार्थ कम्पोस्ट (compost in hindi) बनाने में प्रयोग किये जाते हैं । 

इनके अतिरिक्त हरी खाद (Green manure in hindi) का प्रयोग भी मृदा की उत्पादकता व उर्वरता (Soil Fertility) में वृद्धि के साथ - साथ भूमि के वातावरण को सुधारने का कार्य करता है ।

अतः उपरोक्त के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि स्थाई कृषि के लिए जैविक खेती (organic farming) बहुत ही आवश्यक है ।

इसको अपनाकर भविष्य में देश की खाद्य समस्या को हल करने में सहायता मिलेगी ।

जैविक आहार क्या है ( organic food in hindi )


जो खाद्य पदार्थ जैविक (कार्बनिक) खेती के उत्पादों से निर्मित किये जाते हैं, जैविक आहार ( Organic Food ) कहलाते हैं ।

जैविक आहार को क्यों अधिक पसंद किया जाता है ( Why the organic food is more preferred )


जैविक (कार्बनिक) भोजन के प्रयोग से मनुष्य के भोजन के साथ उसके शरीर में पहुँचने वाले हानिकारक रसायनों की मात्रा समाप्त हो जाती है जिससे व्यक्ति बहुत सी घातक बीमारियों के कुप्रभाव से बचा रहता है और उसकी आयु अधिक होती है ।


यही कारण है कि जैविक भोजन (Organic Food) अधिक पसन्द किया जाता है और इसका बाजार भाव भी अधिक होता है ।

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